
राज्य (State)
तमिलनाडु (Tamil Nadu) — भारत का दक्षिणी राज्य।
📍 जिला (District)
रामनाथपुरम जिला (Ramanathapuram District)
📍 भौगोलिक स्थिति (Geographical Location)
- रामेश्वरम पाम्बन द्वीप (Pamban Island) पर स्थित है।
- यह तमिलनाडु और श्रीलंका के बीच स्थित है।
- इंडियन ओशन और बंगाल की खाड़ी के बीच एक संकीर्ण भूमि-सेतु (राम सेतु / आदम्स ब्रिज) से जुड़ा है।
🌍 रामेश्वरम का धार्मिक महत्व
- भगवान श्रीराम और शिव का पवित्र स्थल
- रामेश्वरम को भगवान श्रीराम और भगवान शिव से जुड़ा प्रमुख तीर्थ माना जाता है।
- यहाँ का रामनाथस्वामी मंदिर अत्यंत प्रसिद्ध है।
- चार धाम यात्रा में दक्षिण का महत्वपूर्ण धाम
- आदि शंकराचार्य ने इसे दक्षिण भारत के प्रमुख तीर्थस्थलों में शामिल किया।
- राम सेतु (Adam’s Bridge)
- पौराणिक मान्यता: भगवान श्रीराम ने लंका जाने के लिए इस सेतु का निर्माण किया था।
- यह समुद्र के बीच एक प्राकृतिक/मानव निर्मित पुल जैसा प्रतीत होता है।
🛕 रामेश्वरम में प्रमुख स्थल
- रामनाथस्वामी मंदिर (Ramanathaswamy Temple)
- भगवान शिव को समर्पित और श्रीराम द्वारा स्थापित मंदिर।
- मंदिर की दीर्घ गलियाँ और नक्काशीदार स्तंभ प्रसिद्ध हैं।
- राम सेतु (Adam’s Bridge)
- समुद्र के ऊपर प्राचीन पत्थरों का श्रृंखला, श्रीराम की लंका यात्रा का प्रतीक।
- पाम्बन पुल (Pamban Bridge)
- द्वीप और मुख्यभूमि को जोड़ने वाला ऐतिहासिक रेल-सड़क पुल।
- कोवलाम, दंडकारण, और अन्य तीर्थ स्थल
- मंदिर और समुद्र तट के निकट कई पवित्र स्थल।
✈️ रामेश्वरम कैसे पहुँचें?
🚆 रेल मार्ग (By Train)
- Rameshwaram Railway Station – तमिलनाडु और बड़े शहरों से सीधी ट्रेन।
✈️ हवाई मार्ग (By Air)
- Madurai Airport – लगभग 170 किमी दूर।
- एयरपोर्ट से टैक्सी या बस द्वारा पहुँचा जा सकता है।
🚌 सड़क मार्ग (By Road)
- मदुरै, रामनाथपुरम और कोवलम से बसें नियमित।
- पाम्बन पुल से द्वीप जुड़ा हुआ है।
🌟 रामेश्वरम का मौसम और यात्रा का समय
| मौसम | विवरण |
|---|---|
| अक्टूबर – मार्च | ठंडा और सुखद, दर्शन के लिए श्रेष्ठ |
| अप्रैल – जून | गर्मी अधिक, दिन लंबा |
| जुलाई – सितंबर | मानसून, समुद्र का दृश्य हरा-भरा |
🕉️ सारांश
- रामेश्वरम तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले में, पाम्बन द्वीप पर स्थित है।
- यह भगवान श्रीराम और शिव का पवित्र धाम है।
- रामनाथस्वामी मंदिर और राम सेतु इसे धार्मिक, पौराणिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाते हैं।